यूपी के निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार की बड़ी पहल। श्रमिक कार्ड बनवाएं और पाएं ₹55,000 तक विवाह सहायता, मुफ्त इलाज, और बच्चों को छात्रवृत्ति।
कन्या विवाह योजना
₹55,000 - ₹61,000
संत रविदास शिक्षा सहायता
स्कॉलरशिप (Class 1-12+)
चिकित्सा सुविधा
आयुष्मान भारत लाभ
1.5 Cr+
पंजीकृत श्रमिक
16+
कल्याणकारी योजनाएं
₹500 Cr+
लाभ वितरित
75
जनपदों में उपलब्ध
पंजीकृत श्रमिकों को यूपी सरकार द्वारा 16 से अधिक योजनाओं का लाभ मिलता है।
पंजीकृत महिला श्रमिक को प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता।
श्रमिक की पुत्रियों के विवाह के लिए अनुदान राशि।
कक्षा 1 से उच्च शिक्षा तक बच्चों को छात्रवृत्ति।
कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए औजार खरीदने हेतु।
दुर्घटना या सामान्य मृत्यु पर परिवार को सुरक्षा।
60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर मासिक पेंशन।
पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों (6-14 वर्ष) के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा।
श्रमिकों के घरों में प्रकाश हेतु सौर ऊर्जा सहायता।
आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
पिछले 12 महीनों में कम से कम 90 दिन निर्माण श्रमिक (मनरेगा सहित) के रूप में कार्य किया हो।
राजमिस्त्री, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, पेंटर, बढ़ई, सड़क निर्माण मजदूर, ईंट भट्ठा मजदूर आदि।
उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
अनिवार्य
IFSC कोड के साथ
नवीनतम
90 दिन कार्य का सबूत/स्व-घोषणा
आप CSC केंद्र या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आधिकारिक वेबसाइट upbocw.in पर जाएं और "श्रमिक पंजीयन / संशोधन" विकल्प चुनें।
अपना आधार नंबर, मंडल और जिला चुनें। मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से सत्यापित करें।
फोटो, बैंक पासबुक और नियोजन प्रमाण पत्र अपलोड करें। ₹20 पंजीकरण शुल्क और ₹20 नवीनीकरण शुल्क (कुल ₹40) का ऑनलाइन भुगतान करें।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद, आपका श्रमिक कार्ड जनरेट हो जाएगा जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
श्रमिक कार्ड की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण कराना अनिवार्य है, अन्यथा आप योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
यदि आप समय पर रिन्यूअल नहीं कराते हैं, तो आपका नाम बोर्ड की सूची से निष्क्रिय कर दिया जाएगा और आपको 'कन्या विवाह' या 'शिक्षा सहायता' जैसी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
यदि नियोजन प्रमाण पत्र में 90 दिन के कार्य का स्पष्ट उल्लेख नहीं है या ठेकेदार की मुहर नहीं है।
यदि आधार कार्ड के अनुसार आवेदक की आयु 18 से कम या 60 वर्ष से अधिक है।
अपलोड किए गए आधार कार्ड या पासबुक की फोटो धुंधली (Blur) होना।
UPBOCW पोर्टल पर 'श्रमिक पंजीयन की स्थिति' विकल्प पर जाएं और अपना आधार नंबर या आवेदन संख्या दर्ज करें।
अगर स्थिति 'Approved' दिखती है, तो 'श्रमिक सर्टिफिकेट डाउनलोड' विकल्प से अपना कार्ड प्रिंट कर सकते हैं।
श्रमिक कार्ड की वैधता 1 से 3 वर्ष की हो सकती है (जैसा आप शुल्क जमा करते हैं)। इसके बाद इसे रिन्यू (Renewal) कराना अनिवार्य होता है।
जी हां, यदि मनरेगा मजदूर ने वर्ष में 90 दिन कार्य किया है, तो वे भी इस कार्ड के लिए पात्र हैं।
रिजेक्शन का कारण चेक करें (जैसे दस्तावेज धुंधला होना या 90 दिन का प्रमाण न होना)। कमियों को सुधार कर दोबारा आवेदन करें या नजदीकी श्रम कार्यालय में संपर्क करें।